Attacker कौन होता है? | What is Attacker in Hindi 2024

आपने ज़रूर सुना होगा कंप्यूटर Hacking के बारे में, जहाँ कोई गलत इरादे से किसी के सिस्टम में घुसपैठ करके डेटा चुराता है या नुकसान पहुँचाता है. इस कहानी में एक खलनायक होता है, जिसे हमलावर (अंग्रेजी में: Attacker) कहते हैं. लेकिन ये Attacker आखिर कौन होते हैं और वो क्या मकसद लेकर ये सब करते हैं? आइए आज इसी सवाल का जवाब ढूँढते हैं.

Attacker के प्रकार:

  1. हेकर (Hackers): ये सबसे आम Attacker होते हैं. हेकर कंप्यूटर सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर उनमें घुसपैठ करते हैं. कुछ हेकर शरारत या रोमांच के लिए ऐसा करते हैं, जबकि कुछ का मकसद डेटा चोरी, वित्तीय लाभ, या सिस्टम को नुकसान पहुँचाना होता है.
  2. सायबर अपराधी (Cyber Criminals): ये पेशेवर अपराधी होते हैं जो ऑनलाइन अपराधों को अंजाम देते हैं. इनका मुख्य लक्ष्य होता है वित्तीय लाभ. वो बैंकों, कंपनियों या व्यक्तियों को धोखा देकर पैसा चुराते हैं, फिरौती मांगते हैं या ब्लैकमेल करते हैं.
  3. राज्य-पोषित Attacker (State-Sponsored Hackers): कई सरकारें अपने खुफिया विभागों के जरिए दूसरे देशों के कंप्यूटर नेटवर्क पर हमला करती हैं. वो राजनीतिक या सैन्य लाभ के लिए गुप्त सूचना हासिल करने, दुष्प्रचार फैलाने या सिस्टम को बाधित करने का प्रयास करते हैं.
  4. स्क्रिप्ट किडिज़ (Script Kiddies): ये कम उम्र के, अपेक्षाकृत कम अनुभवी हॉबीविस्ट होते हैं जो इंटरनेट पर उपलब्ध टूल्स और स्क्रिप्ट्स का इस्तेमाल कर हमले करते हैं. ये अक्सर अपने ज्ञान का प्रदर्शन या शरारत करने के लिए ऐसा करते हैं.

Attacker के मकसद:

  • वित्तीय लाभ: अधिकतर Attacker का प्राथमिक मकसद धन अर्जित करना होता है. वो बैंक खातों से पैसा चुराते हैं, कंपनियों से फिरौती मांगते हैं या डेटा बेचते हैं.
  • राजनीतिक लाभ: राज्य-पोषित Attacker अक्सर चुनावों को प्रभावित करने, दुष्प्रचार फैलाने या विरोध प्रदर्शनों को बाधित करने के लिए नेटवर्क पर हमला करते हैं.
  • डेटा चोरी: कई Attacker महत्वपूर्ण जानकारी चुराने के लिए हमला करते हैं, जैसे व्यापारिक रहस्य, व्यक्तिगत डेटा, या सरकारी दस्तावेज. इस जानकारी का इस्तेमाल बाद में ब्लैकमेल करने, बेचने या दुर्भावनापूर्ण कामों के लिए किया जा सकता है.
  • व्यक्तिगत संतुष्टि: कुछ लोग तो सिर्फ खुद को साबित करने या रोमांच के लिए कंप्यूटर सिस्टम को हैक करते हैं. उन्हें अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने में मज़ा आता है.

Attacker से कैसे बचें:

  • मज़बूत पासवर्ड रखें: जटिल और अलग-अलग पासवर्ड हर खाते के लिए इस्तेमाल करें. उन्हें किसी के साथ साझा न करें.
  • नियिमित सॉफ्टवेयर अपडेट करें: कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर का नियमित अपडेट करें ताकि नवीनतम सुरक्षा पैच लगाए जा सके.
  • फिशिंग और सोशल इंजीनियरिंग से सावधान रहें: अज्ञात लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें. संदेहस्पद ईमेल का जवाब न दें.
  • एंटीवायरस और एंटी-मैलवेयर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें: अपनी सुरक्षा के लिए मजबूत सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें और स्कैनिंग नियमित रूप से चलाएं.

हमें ये समझना चाहिए कि कंप्यूटर अपराध एक गंभीर समस्या है और हम खुद को बचाने के लिए लगातार सतर्क रहें और सावधानी बरतें. ऊपर बताए गए सुझावों के अलावा, ये कुछ अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं:

  • दो-पहली प्रमाणीकरण (Two-factor authentication): जब भी संभव हो, अपने खातों के लिए दो-पहली प्रमाणीकरण का उपयोग करें. इससे एक अतिरिक्त सुरक्षा परत जुड़ जाती है और हैकर्स के लिए आपके खाते में घुसपैठ करना कठिन हो जाता है.
  • बैकअप लें: महत्वपूर्ण डेटा का नियमित रूप से बैकअप लें. इससे अगर आप का सिस्टम कभी किसी हमले का शिकार हो जाए तो आप अपनी जानकारी खो नहीं देंगे.
  • सोशल मीडिया सावधानी: सोशल मीडिया पर संवेदनशील जानकारी शेयर न करें और अपनी गोपनीयता सेटिंग्स ठीक से मैनेज करें.
  • रिपोर्ट करें: अगर आपको लगता है कि आप किसी हमले का शिकार हुए हैं, तो तुरंत इसकी रिपोर्ट करें. संबंधित अधिकारियों और सेवा प्रदाताओं को सूचित करें.

Cyber Crime Contact Portal : https://cybercrime.gov.in/

अपने कंप्यूटर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाकर और सावधानी बरतकर हम साइबर अपराधियों से अपनी रक्षा कर सकते हैं. साथ ही, हमें नवीनतम सुरक्षा खतरों और तकनीकों के बारे में खुद को अपडेट रखना चाहिए ताकि हम हमेशा एक कदम आगे रह सकें.

उम्मीद है ये लेख कंप्यूटर Attacker और उनसे बचने के तरीकों के बारे में आपकी समझ को बढ़ाने में मददगार रहा होगा. अगर आपके पास कोई और सवाल है, तो पूछने में संकोच न करें.

 

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